Just Help Me Foundation – National NGO Alliance

पक्षियों के लिए चुग्गे और पानी की व्यवस्था

₹10 = एक चुग्गा और पानी की व्यवस्था | ₹100 = 10 जगह पक्षियों के लिए चुग्गा और पानी | ₹1000 = 100 जगह जीवनदायी इंतज़ाम

सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

हमारी संस्था JustHelpMe.org वर्ष 2002 से समाजसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत है। हमारा विश्वास है कि सेवा केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए — हर जीव, हर पक्षी, हर जीवन हमारी जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ हमने “पक्षियों के लिए चुग्गे और पानी की व्यवस्था” अभियान की शुरुआत की है।

हर दिन जब हम आसमान में उड़ते नन्हे पक्षियों को देखते हैं, तो उनकी चहचहाहट हमारी प्रकृति को जीवंत बना देती है। परंतु गर्मी की तपन में, जब धरती सूख जाती है और जल स्रोत समाप्त हो जाते हैं, तब यही नन्हे पक्षी प्यास से तड़पते हैं। यही वो समय है जब आपका एक छोटा-सा कदम उनके जीवन में बड़ी राहत ला सकता है।

सिर्फ ₹10 में एक चुग्गा और पानी की व्यवस्था करके आप दर्जनों पक्षियों को जीवनदायिनी राहत दे सकते हैं। ₹100 से दस स्थानों पर, और ₹1000 से सौ जगहों पर चुग्गा-पानी की व्यवस्था की जा सकती है। सोचिए, आपका छोटा-सा योगदान कितने पंखों में उड़ान भर सकता है।

👉 हर दाना, हर बूंद जीवन है।
जब पक्षी गाएंगे, तब प्रकृति मुस्कुराएगी। और यही मानवता की सच्ची पहचान है। हमारी टीम पूरे भारत में मंदिरों, पार्कों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर मिट्टी के पात्रों, जल-पात्रों और दानों की व्यवस्था करती है ताकि कोई भी पक्षी भूखा या प्यासा न रहे।

🔍 पारदर्शिता:
आपके द्वारा दिए गए हर दान का 100% उपयोग इसी सेवा में किया जाता है। हम हर महीने आपको फोटो और रिपोर्ट के माध्यम से जानकारी भेजते हैं कि किन-किन स्थानों पर व्यवस्था की गई है। इस तरह, आपकी दया का हर अंश एक जीवित प्रमाण बनता है।

👉 हर दाना करुणा है, हर बूंद सेवा है।
जब हम अपने आस-पास के जीवन की रक्षा करते हैं, तो यह केवल प्रकृति नहीं, बल्कि हमारी आत्मा को भी पवित्र करता है। आइए, इस सेवा अभियान से जुड़ें और उन नन्हे प्राणियों की आवाज बनें जो बोल नहीं सकते पर महसूस करते हैं।

💰 आपका योगदान:
चाहे ₹10 हो या ₹1000, हर राशि हमारे लिए एक अमूल्य सहयोग है। ऊपर दिए गए बटन से दान कर सकते है और अपने नाम से किसी स्थान पर चुग्गा और पानी की व्यवस्था करवा सकते हैं। आपका सहयोग न केवल पक्षियों के लिए, बल्कि मानवता के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

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